मंगलसूत्र बना मौत का फंदा: लिव-इन संबंध के विवाद ने ली महिला की जान, रायगढ़ पुलिस ने सुलझाई गुत्थी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 8 अप्रैल।
शहर के कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में सामने आए एक संदिग्ध मौत के मामले ने जांच के बाद हत्या का सनसनीखेज रूप ले लिया। जिस घटना को शुरुआत में सामान्य मौत माना जा रहा था, उसने पोस्टमार्टम रिपोर्ट आते ही एक जघन्य अपराध का चेहरा उजागर कर दिया। पुलिस की सूक्ष्म जांच और पूछताछ के बाद यह स्पष्ट हुआ कि महिला की हत्या उसके लिव-इन पार्टनर ने ही की थी—वह भी उसी मंगलसूत्र से, जो आमतौर पर वैवाहिक संबंध का प्रतीक माना जाता है।
अस्पताल की सूचना से खुला मामला
1 अप्रैल को जिंदल अस्पताल, पतरापाली से धनेश्वरी विश्वकर्मा (32) की आकस्मिक मृत्यु की सूचना कोतरारोड़ पुलिस को मिली। प्रारंभिक तौर पर मर्ग कायम कर पंचनामा और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई। लेकिन जब रिपोर्ट सामने आई, तो डॉक्टरों ने साफ तौर पर मृत्यु का कारण गले पर दबाव से दम घुटना बताते हुए इसे “होमीसाइडल” करार दिया। यहीं से पुलिस की जांच ने निर्णायक मोड़ लिया।
रिश्तों की उलझन और बढ़ता तनाव
जांच के दौरान सामने आया कि मृतिका का विवाह मनोज विश्वकर्मा से हुआ था और उनके तीन बच्चे भी हैं। पारिवारिक विवादों के चलते वह पिछले चार वर्षों से मायके में रह रही थी। इसी दौरान उसका परिचय विकेश चौहान से हुआ और दोनों किरोडीमल नगर में पति-पत्नी की तरह रहने लगे।
हालांकि, इस रिश्ते के बीच कई जटिलताएं थीं—मृतिका की लगातार खराब सेहत, दवाइयों को लेकर लापरवाही और सबसे बड़ा कारण, पति से लंबित तलाक। इन सबने दोनों के बीच तनाव को लगातार बढ़ाया।

घटना वाले दिन क्या हुआ
घटना के दिन घर के भीतर ही विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोपी विकेश ने पूछताछ में स्वीकार किया कि घरेलू बातों को लेकर झगड़ा हुआ, जिसमें उसने पहले धनेश्वरी को थप्पड़ मारे। जब महिला घर छोड़कर जाने लगी, तो उसने पीछे से उसके मंगलसूत्र को पकड़कर खींचा, जिससे उसका गला दब गया। कुछ ही पलों में वह अचेत होकर गिर पड़ी और बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटना के बाद आरोपी ने मौत को सामान्य दिखाने की कोशिश भी की, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस की सघन पूछताछ के आगे उसका झूठ ज्यादा देर नहीं टिक सका।
पुलिस की तत्परता से हुआ खुलासा
कोतरारोड़ थाना प्रभारी और प्रशिक्षु डीएसपी अजय नागवंशी के नेतृत्व में मामले की बारीकी से जांच की गई। संदेह के आधार पर आरोपी से सख्ती से पूछताछ की गई, जिसके बाद उसने अपना अपराध कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी विकेश कुमार बरेठ (26) को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 238 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
इस पूरे मामले पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि गंभीर अपराधों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाना पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी अपील की कि आपसी विवादों को हिंसा में बदलने के बजाय लोग कानून का सहारा लें।
समाज के लिए चेतावनी
यह घटना न केवल एक आपराधिक मामला है, बल्कि सामाजिक रिश्तों में बढ़ते तनाव और असहिष्णुता की भी एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। लिव-इन संबंधों में स्पष्टता, जिम्मेदारी और कानूनी समझ का अभाव कई बार ऐसे दुखद परिणामों को जन्म देता है।
रायगढ़ में यह मामला अब केवल एक हत्या का नहीं, बल्कि रिश्तों के टूटते संतुलन और बढ़ती संवेदनहीनता का भी आईना बन गया है।
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