बेलगाम ट्रैक्टरों का कहर: नाबालिग घायल, परीक्षा छूटी — तमनार-घरघोड़ा मार्ग पर भी कानून बेअसर

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। जिले के घरघोड़ा थाना क्षेत्र में हुई एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने न सिर्फ एक नाबालिग की जिंदगी को झकझोर दिया, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और कानून के कमजोर क्रियान्वयन पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। 19 मार्च 2026 की शाम करीब 6:30 बजे ग्राम औराईमुड़ा चौक के आगे लैलूंगा रोड पर बिना नंबर प्लेट के दौड़ रहे एक नीले रंग के ट्रैक्टर ने मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। इस हादसे में नाबालिग योगेश साहू गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसके कारण उसे अपनी 11वीं की महत्वपूर्ण परीक्षा तक छोड़नी पड़ी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, योगेश अपने बड़े भाई डोलामणी साहू के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहा था। पीछे बैठा योगेश साइकिल थामे हुए था, तभी सामने से तेज रफ्तार और लापरवाही से आ रहे ट्रैक्टर ने जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल और साइकिल दोनों बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, वहीं योगेश के घुटनों, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। पहले उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घरघोड़ा ले जाया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर रायगढ़ रेफर करना पड़ा।
इस घटना में पुलिस ने ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मोटरयान अधिनियम की धारा 184 और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 125(a) व 281 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हालांकि, आरोपी चालक अब तक गिरफ्त से बाहर है, जो कानून व्यवस्था की सख्ती पर सवाल उठाता है।
बिना नंबर ट्रैक्टर: खुलेआम नियमों की धज्जियां
यह कोई पहली घटना नहीं है। तमनार-घरघोड़ा मार्ग सहित जिले के कई हिस्सों में बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर खुलेआम सड़कों पर दौड़ते देखे जा सकते हैं। विशेष रूप से रेत (बालू) के अवैध परिवहन में लगे ऐसे वाहन नियमों को ठेंगा दिखाते हुए बेखौफ संचालित हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां पुलिस दोपहिया वाहन चालकों की नियमित जांच करती है, वहीं इन भारी वाहनों पर कार्रवाई अक्सर नदारद रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना रॉयल्टी के बालू ढोने वाले अधिकांश ट्रैक्टरों पर न तो नंबर प्लेट होती है और न ही वैध दस्तावेज। इसके बावजूद ये वाहन दिन-रात सड़कों पर सक्रिय रहते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना रहता है।
प्रशासन की चुप्पी पर उठते सवाल
इस पूरे मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर परिवहन विभाग (RTO) और पुलिस की नजर इन बेलगाम ट्रैक्टरों पर क्यों नहीं पड़ती? क्या कार्रवाई सिर्फ छोटे वाहनों तक ही सीमित रह गई है? अगर समय रहते सख्ती नहीं बरती गई, तो ऐसे हादसे आगे और भी गंभीर रूप ले सकते हैं।
अब जरूरत इस बात की है कि बिना नंबर और अवैध रूप से संचालित ट्रैक्टरों के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जाए। सड़क सुरक्षा के नियमों का सख्ती से पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी और छात्र को अपनी परीक्षा और भविष्य से समझौता न करना पड़े।
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