कोतरारोड़ थाना क्षेत्र में 24 अनावेदकों पर 170 बीएनएसएस की कार्रवाई, सभी जेल रवाना

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़, 6 जनवरी।
किरोड़ीमलनगर इलाके में मजदूरी विवाद से उपजी हिंसा ने जब कानून-व्यवस्था को खुली चुनौती दी, तो कोतरारोड़ पुलिस ने भी सख्त रुख अपनाते हुए बड़ा कदम उठाया। थाना कोतरारोड़ पुलिस ने 24 अनावेदकों के खिलाफ धारा 170 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के तहत कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया। यह मामला 4 जनवरी को हुई मारपीट और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान बिगड़े हालात से जुड़ा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, वार्ड क्रमांक 09, किरोड़ीमलनगर निवासी गोविंद राम नेताम (45 वर्ष) ने 4 जनवरी 2026 को थाना कोतरारोड़ में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उनके मोहल्ले के पीछे वरुण सिंह द्वारा गैलवे कंपनी के लिए दूसरे राज्य से लाए गए मजदूर रह रहे हैं। उसी दिन दोपहर के समय गैलवे कंपनी से जुड़े कुछ युवकों ने प्रार्थी के पुत्र छवि नेताम पर जबरन उनके साथ काम करने का दबाव बनाया।
छवि नेताम द्वारा काम करने से इनकार करने पर विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि आरोपियों ने पहले गाली-गलौच की और फिर मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में बुधमन उरांव, मंगलदीप उरांव, मनोज उरांव, प्रकाश गोप, अरुण करमाली, दीपक उरांव, कार्तिक उरांव और अशोक उरांव के नाम सामने आए। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध क्रमांक 05/2026 दर्ज कर धारा 109(1) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण कायम किया।
मामले में कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। 5 जनवरी 2026 को दोपहर के समय थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज पुलिस बल के साथ हत्या के प्रयास के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए किरोड़ीमलनगर पहुंचे। इस दौरान वहां मौजूद अन्य युवक, जो कामकाज से जुड़े बताए जा रहे हैं, पुलिस कार्रवाई में बाधा डालते हुए गोविंद राम नेताम और उनके पुत्रों के साथ फिर से गाली-गलौच पर उतर आए।
पुलिस द्वारा बार-बार समझाइश दिए जाने के बावजूद स्थिति शांत नहीं हुई और आरोपी मारपीट के लिए आमादा हो गए। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने सख्ती बरतते हुए मौके से 8 नामजद आरोपियों के अलावा 24 अनावेदकों को धारा 170 बीएनएसएस के तहत गिरफ्तार किया। साथ ही उनके खिलाफ धारा 126 एवं 135(3) भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के अंतर्गत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई भी की गई।
सभी 24 अनावेदकों को एसडीएम न्यायालय में पेश किया गया, जहां से जेल वारंट जारी होने के बाद उन्हें जेल दाखिल कर दिया गया। उल्लेखनीय है कि हत्या के प्रयास के 8 आरोपी भी एक दिन पहले ही जेल भेजे जा चुके हैं।
इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज, प्रधान आरक्षक बाबूलाल पटेल, करुणेश राय, राजकुमार पैंकरा, शंभू खैरवार सहित अन्य पुलिसकर्मियों की सक्रिय भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और कानून से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ आगे भी बिना किसी दबाव के सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
किरोड़ीमलनगर की इस घटना ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि मजदूरी और बाहरी कामगारों से जुड़े विवाद यदि समय रहते नहीं संभाले जाएं, तो वे गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्या का रूप ले सकते हैं—और ऐसे में पुलिस का सख्त रवैया ही हालात को काबू में रखने का एकमात्र रास्ता बनता है।