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बलरामपुर में अवैध अफीम खेती पर सियासी भूचाल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

कुसमी क्षेत्र के जंगल में मिली फसल, कांग्रेस जांच टीम पहुंची मौके पर

बलरामपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अवैध अफीम की खेती का मामला सामने आने के बाद अब यह मुद्दा प्रशासनिक कार्रवाई से निकलकर सीधे प्रदेश की राजनीति के केंद्र में आ गया है। कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरा गांव (सर्ना टोली/घसोड़ा इलाके) में बड़े पैमाने पर अफीम की खेती मिलने के बाद पुलिस-राजस्व की टीम ने कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि कांग्रेस ने इसे लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है।

जंगल किनारे कई एकड़ में उगाई जा रही थी अफीम

जानकारी के अनुसार कुसमी थाना क्षेत्र के त्रिपुरा पंचायत के जंगल किनारे इलाके में अफीम की अवैध खेती की सूचना प्रशासन को मिली थी। इसके बाद पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में करीब 2 से 5 एकड़ जमीन पर अफीम की खेती किए जाने के संकेत मिले हैं। अधिकारियों ने मौके से अफीम के पौधों को नष्ट करने की कार्रवाई भी शुरू की है।

स्थानीय लोगों के मुताबिक यह खेती गांव से दूर जंगल क्षेत्र में की जा रही थी, जिससे लंबे समय तक किसी को इसकी भनक नहीं लगी।

कांग्रेस की जांच टीम ने किया दौरा

मामले की गंभीरता को देखते हुए कांग्रेस ने भी एक जांच टीम गठित की।
पूर्व विधायक डॉ. प्रीतम राम के नेतृत्व में टीम बुधवार को त्रिपुरा गांव पहुंची। उनके साथ पूर्व विधायक भानु प्रताप सिंह, कांग्रेस जिला अध्यक्ष और अन्य नेता मौजूद रहे।

टीम ने उस स्थान का निरीक्षण किया जहां अफीम की खेती की गई थी और ग्रामीणों से भी जानकारी ली। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल लोगों की पहचान कर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

भाजपा सरकार पर कांग्रेस का हमला

निरीक्षण के बाद कांग्रेस नेताओं ने राज्य सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि

दुर्ग जिले के बाद अब बलरामपुर में भी अफीम की खेती का मामला सामने आना गंभीर चिंता का विषय है।

इससे राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े होते हैं।


कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार “सुशासन” के दावे करती है, लेकिन जमीन पर अवैध गतिविधियां बढ़ रही हैं।

दुर्ग के बाद बलरामपुर दूसरा बड़ा मामला

छत्तीसगढ़ में हाल ही में दुर्ग जिले के समोदा-झेंझरी क्षेत्र में भी करीब 5–6 एकड़ में अफीम की खेती का मामला सामने आया था, जिसमें लाखों पौधे जब्त किए गए थे और एक भाजपा नेता की गिरफ्तारी भी हुई थी।

लगातार सामने आ रहे ऐसे मामलों के बाद पुलिस और प्रशासन अन्य जिलों में भी निगरानी बढ़ाने की तैयारी कर रहा है।

NDPS एक्ट के तहत हो सकती है सख्त कार्रवाई

अफीम की अवैध खेती NDPS Act (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एक्ट) के तहत गंभीर अपराध है। इसमें दोषी पाए जाने पर

10 से 20 साल तक की सजा

भारी जुर्माना
लग सकता है।

प्रशासन अब यह जांच कर रहा है कि

जमीन किसकी है

खेती कौन कर रहा था

इसके पीछे कोई संगठित नेटवर्क तो नहीं।

क्यों बड़ी खबर है?

छत्तीसगढ़ में लगातार दूसरे जिले में अफीम खेती का खुलासा

जंगल क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध खेती

कांग्रेस बनाम भाजपा सियासी टकराव

NDPS एक्ट के तहत बड़ी कार्रवाई की संभावना

Amar Chouhan

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