पॉक्सो मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस: नए एसपी की सख़्ती से फरार आरोपी सलाखों के पीछे, परिजनों के लिए भी अहम चेतावनी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 2 फरवरी।
जिले में नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों पर पुलिस प्रशासन का रुख अब बिल्कुल स्पष्ट और सख़्त दिखाई दे रहा है। नए पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पॉक्सो एक्ट के मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है। इसी का प्रत्यक्ष उदाहरण थाना पुसौर क्षेत्र में सामने आया, जहां नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ के मामले में लगभग एक माह से फरार आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता ने 28 दिसंबर 2025 को थाना पुसौर में शिकायत दर्ज कराई थी। बालिका रोज़ की तरह अपनी सहेली के साथ स्कूटी से स्कूल आती-जाती थी। इसी दौरान मनोज खड़िया नामक युवक उसका पीछा कर अश्लील इशारे करता रहा। शुरुआत में बालिका ने इसे अनदेखा किया, लेकिन 27 दिसंबर को जब वह अपनी सहेली के साथ बाजार जा रही थी, तब आरोपी ने मोबाइल नंबर मांगते हुए जबरन उसका बायां हाथ पकड़ लिया और छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना पुसौर में अपराध क्रमांक 351/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 75(2), 78(1) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 12 के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। इसके बाद आरोपी की तलाश के लिए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। आखिरकार सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मनोज कुमार खड़िया (उम्र 20 वर्ष), निवासी पुसौर को उसके गांव से गिरफ्तार कर लिया।
एसपी का सख़्त संदेश
एसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि नाबालिगों के विरुद्ध अपराधों में कानून बेहद कठोर है और ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि महिला एवं बाल अपराधों में आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी कर समयसीमा के भीतर चालान न्यायालय में प्रस्तुत किया जाए।
परिजनों के लिए अहम चेतावनी और सावधानियां
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का मानना है कि केवल पुलिस कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं, बल्कि समाज और परिवार की सजगता भी उतनी ही ज़रूरी है। नाबालिगों के परिजनों को चाहिए कि—
बच्चों के व्यवहार में अचानक आए बदलाव को हल्के में न लें।
स्कूल, ट्यूशन या बाजार जाते समय यदि कोई संदिग्ध गतिविधि दिखे तो तुरंत पूछताछ करें।
बच्चों को यह भरोसा दिलाएं कि वे बिना डर के अपनी बात घर पर साझा कर सकते हैं।
किसी भी तरह का अंदेशा होते ही नज़दीकी थाने में सूचना दें, देरी बिल्कुल न करें।
मोबाइल और सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर भी सतर्क निगरानी रखें।
रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न केवल एक आरोपी की गिरफ्तारी तक सीमित है, बल्कि यह समाज को एक स्पष्ट संदेश भी देती है कि नाबालिगों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा। नए एसपी के नेतृत्व में पॉक्सो एक्ट के तहत लगातार हो रही सख़्त कार्रवाइयां यह संकेत देती हैं कि आने वाले समय में ऐसे अपराधियों के लिए जिले में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं रहेगा।