पश्चिम एशिया तनाव का असर: छत्तीसगढ़ में सख्ती, सीएम साय बोले—अफवाह फैलाने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई, जरूरी वस्तुओं की कमी नहीं

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायपुर, 28 मार्च 2026।
पश्चिम एशिया में तेजी से बदलते हालातों के बीच छत्तीसगढ़ सरकार ने एहतियातन मोर्चा संभाल लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को उच्चस्तरीय बैठक लेकर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल, रसोई गैस और खाद जैसी आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता की गहन समीक्षा की। बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि राज्य में किसी भी जरूरी वस्तु की कोई कमी नहीं है, और जनता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है।
हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि संकट की आड़ में जमाखोरी या कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
अफवाहों पर लगाम, जनता के लिए हेल्पलाइन सक्रिय
सरकार ने अफवाहों के खतरे को भी गंभीरता से लिया है। मुख्यमंत्री साय ने लोगों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैल रही अपुष्ट खबरों पर भरोसा न करें।
जनता की सुविधा के लिए राज्य स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जहां किसी भी समस्या या शिकायत के लिए टोल-फ्री नंबर 1800-233-3663 जारी किया गया है। इसके साथ ही सभी जिलों में भी कंट्रोल रूम सक्रिय करने और उनकी नियमित मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
प्रदेशभर में कार्रवाई तेज: सैकड़ों जगह छापे, हजारों सिलेंडर जब्त
बैठक में प्रशासनिक कार्रवाई का ब्यौरा भी सामने आया। अब तक राज्य में 335 स्थानों पर छापेमारी की जा चुकी है। इस दौरान जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 3841 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं और 97 मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है।
मुख्यमंत्री ने तेल कंपनियों—आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल—को निर्देशित किया कि अस्पताल, रेलवे, सेना और छात्रावास जैसे आवश्यक संस्थानों में गैस आपूर्ति बाधित न हो।
खाद को लेकर भी सरकार सतर्क, पारदर्शी वितरण पर जोर
किसानों को राहत देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उर्वरकों का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। साथ ही, उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि खाद की अनावश्यक होल्डिंग पर रोक लगाई जाए और स्टॉक की दैनिक समीक्षा सुनिश्चित की जाए।
अब वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए सॉफ्टवेयर आधारित मॉनिटरिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है, जिससे हर किसान तक उसकी जरूरत के अनुसार खाद पहुंच सके।
पेट्रोल-डीजल वितरण में नए नियम लागू
ईंधन वितरण को लेकर भी सख्ती बढ़ा दी गई है।
आम नागरिकों को अब खुले कंटेनरों में पेट्रोल-डीजल नहीं मिलेगा
केवल अधिकृत संस्थानों—जैसे मोबाइल टावर और जेनसेट संचालक—को ही इसकी अनुमति होगी
सीमावर्ती इलाकों में चेक पोस्ट पर निगरानी बढ़ा दी गई है
सोशल मीडिया पर भ्रामक सूचनाओं पर नजर रखने के निर्देश भी जारी किए गए हैं
गैस बुकिंग व्यवस्था यथावत
तेल कंपनियों ने स्पष्ट किया है कि गैस बुकिंग की व्यवस्था पहले की तरह सामान्य बनी हुई है।
उज्ज्वला योजना के तहत कनेक्शन के लिए 45 दिन का अंतराल
सामान्य उपभोक्ताओं के लिए 25 दिन का अंतराल तय है
संदेश साफ: घबराएं नहीं, प्रशासन पूरी तरह सतर्क
पूरी स्थिति को देखते हुए यह साफ है कि राज्य सरकार किसी भी संभावित संकट से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है। मुख्यमंत्री साय का संदेश स्पष्ट है—“जरूरी वस्तुओं की कोई कमी नहीं है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।”
इस बीच प्रशासन की नजर बाजार से लेकर सोशल मीडिया तक हर गतिविधि पर बनी हुई है, ताकि आम जनता तक सही जानकारी पहुंचे और किसी तरह की अफरा-तफरी की स्थिति न बने।
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