रायगढ़ में मवेशी तस्करी का पर्दाफाश — पलगढ़ा फॉरेस्ट बैरियर पर भृत्य की सतर्कता से बची कई गायों की जान, एक आरोपी गिरफ्तार, एक फरार

एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले से एक बार फिर मवेशी तस्करी का मामला सामने आया है। इस बार घटना खरसिया थाना क्षेत्र के पलगढ़ा फॉरेस्ट बैरियर की है, जहाँ ड्यूटी पर तैनात कर्मचारी की सतर्कता से तस्करों की बड़ी कोशिश नाकाम हो गई। बताया जा रहा है कि तस्कर दो पिकअप वाहनों में गाय और बैलों को बेहद क्रूर तरीके से ठूंस-ठूंसकर भरकर ले जा रहे थे।
मिली जानकारी के अनुसार, डभरा क्षेत्र के ग्राम धुरकोट निवासी दिनेश कुमार साहू (35) बीते पाँच वर्षों से पलगढ़ा फॉरेस्ट बैरियर में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। सोमवार की देर रात वे अपनी ड्यूटी पर मौजूद थे। इसी दौरान, तड़के करीब सुबह 4 बजे, दो पिकअप वाहन तेज रफ्तार में बैरियर पार करने का प्रयास कर रहे थे।
दिनेश साहू ने जब वाहनों को रोककर जांच की, तो देखा कि उनमें कई गायें और बैल अमानवीय ढंग से एक-दूसरे के ऊपर दबाकर लादे गए थे। पूछताछ करने पर चालक संदिग्ध उत्तर देने लगे। जब जांच आगे बढ़ाने की कोशिश की गई, तो एक वाहन का चालक मौका पाकर वाहन समेत फरार हो गया।
हालांकि, दूसरे पिकअप का चालक पुलिस की मदद से पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम शेख अमानत, निवासी ग्राम रोकबहार, जिला जशपुर बताया। सूचना मिलते ही खरसिया पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और वाहन को ज़ब्त कर लिया।
पुलिस ने मवेशियों को सुरक्षित निकालकर पास के गोशाला में भेजा है, वहीं फरार आरोपी की तलाश तेज कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि यह मवेशी तस्करी का संगठित नेटवर्क हो सकता है, जो रायगढ़ और जशपुर के बीच सक्रिय है।
स्थानीय ग्रामीणों ने भृत्य दिनेश कुमार साहू की सतर्कता और तत्परता की प्रशंसा करते हुए कहा कि उनकी समझदारी से कई निर्दोष मवेशियों की जान बची है।
पुलिस ने मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया है।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान की रिपोर्ट