नववर्ष के संधि बेला पर रायपुर में गूंजा आध्यात्मिक संदेश, जयगुरुदेव सत्संग में शाकाहार-सदाचार पर बल

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम
नववर्ष 2026 के स्वागत और वर्ष 2025 की विदाई के पावन अवसर पर छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर आध्यात्मिक चेतना का साक्षी बनी। 1 जनवरी 2026 को रायपुर महानगर के पेंशनवाड़ा क्षेत्र में परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज एवं समय के महापुरुष हजूर महाराज जी की अपार कृपा से विशाल आध्यात्मिक सत्संग का आयोजन किया गया। इस आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, सत्संगी भाई-बहन एवं धर्मप्रेमी सज्जन शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ प्रदेश के सलाहकार एवं रायपुर संगत के जिम्मेदार वरिष्ठ मार्गदर्शक टी.आर. नाग साहब तथा जयगुरुदेव संगत रायपुर (पेंशनवाड़ा) के सौजन्य से संपन्न हुआ। नववर्ष के प्रथम दिन आयोजित इस सत्संग ने श्रद्धालुओं को आत्मचिंतन, संयम और सदमार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
सत्संग में जयगुरुदेव संगत रायगढ़ के जिला प्रवक्ता, सम्मानित श्री बैरागी राम राठिया जी ने अपने ओजस्वी श्रीमुख वचनों से उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने शाकाहार, सदाचार, नशामुक्ति एवं वैचारिक क्रांति को मानव जीवन की आधारशिला बताते हुए कहा कि भौतिक उन्नति के साथ-साथ आध्यात्मिक शुद्धता ही समाज को सही दिशा दे सकती है। उनके प्रवचन के दौरान पूरा वातावरण भक्ति और अनुशासन की भावना से ओतप्रोत नजर आया।

इस अवसर पर आगामी आध्यात्मिक आयोजनों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि जयगुरुदेव आश्रम, मथुरा में 3 मार्च 2026 से 5 मार्च 2026 तक होली पर्व के साथ भव्य आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें प्रातः-सायं सत्संग का आयोजन रहेगा। विशेष रूप से 4 मार्च 2026 को समय के महापुरुष परम संत हजूर महाराज जी द्वारा नामदान दिए जाने का संदेश भी श्रद्धालुओं तक पहुंचाया गया, जिसे सुनकर संगत में विशेष उत्साह देखने को मिला।
कार्यक्रम के अंत में जयगुरुदेव संगत जिला रायगढ़ की ओर से एक महत्वपूर्ण सूचना भी साझा की गई। संगत रायगढ़ के सभी सत्संगी प्रेमी भाई-बहनों एवं धर्मप्रेमी सज्जनों को 4 जनवरी 2026, दिन रविवार को लेलूंगा ब्लॉक के आमापाली गांव में सुबह 11 बजे आयोजित होने वाले सत्संग में शामिल होने का आग्रह किया गया। संगत के अनुसार, यह सत्संग भी परम संत बाबा जयगुरुदेव जी महाराज की कृपा से आयोजित होगा, जिसमें जीवन को सदमार्ग की ओर मोड़ने का अमूल्य संदेश मिलेगा।
मीडिया प्रभारी केशव चौहान ने सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे अपने व्यस्त जीवन से समय निकालकर सत्संग में सहभागी बनें और इस दुर्लभ मानव जीवन को आध्यात्मिक दृष्टि से सार्थक करें।