धान मंडी धौराभांठा में ‘किसान सम्मान समारोह’ बना जनविश्वास का मंच, अन्नदाताओं के सम्मान के साथ खेती के नए सूत्रों पर गूंजा संवाद

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ (धौराभांठा)।
धान मंडी धौराभांठा का प्रांगण उस वक्त खास बन गया, जब यहां भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा के तत्वावधान में आयोजित ‘किसान सम्मान समारोह’ केवल एक औपचारिक कार्यक्रम न रहकर, किसानों के आत्मसम्मान, संवाद और भविष्य की खेती की दिशा तय करने वाला मंच बनकर उभरा। खेत-खलिहानों से सीधे पहुंचे अन्नदाताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को जीवंतता प्रदान की, वहीं मंच से उठी बातों ने खेती को आधुनिक सोच से जोड़ने की पहल की।
कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक तरीके से हुई, लेकिन जैसे-जैसे वक्ताओं के विचार सामने आते गए, माहौल केवल सम्मान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि खेती के बदलते परिदृश्य पर गंभीर विमर्श का रूप लेता गया। जिला किसान मोर्चा कार्यालय मंत्री एवं मुख्य वक्ता चरण कुमार भारती ने अपने संबोधन में किसानों की भूमिका को केवल उत्पादन तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उन्हें देश की आर्थिक और सामाजिक संरचना का आधार स्तंभ बताया। उनके शब्दों में किसानों के प्रति सम्मान का भाव स्पष्ट झलक रहा था, जिसने उपस्थित लोगों में एक अलग आत्मगौरव का संचार किया।

मंच पर मौजूद अन्य जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखते हुए खेती के नए आयामों पर चर्चा की। जिला मंत्री नूतन पटेल, जिला उपाध्यक्ष विनायक पटनायक, जिला पंचायत सदस्य रमेश बेहरा और अजजा मोर्चा जिलाध्यक्ष अमल साय राठिया सहित अन्य वक्ताओं ने फसल चक्र, उन्नत बीज और वैज्ञानिक तकनीकों के उपयोग पर जोर दिया। विशेष रूप से विनायक पटनायक ने जैविक खेती को भविष्य का विकल्प बताते हुए किसानों को रासायनिक निर्भरता से बाहर आने की सलाह दी, जो बदलते समय की मांग भी है।
कार्यक्रम के दौरान मंडल अध्यक्ष स्वरुप पटनायक ने किसानों को राष्ट्र की रीढ़ बताते हुए यह स्पष्ट किया कि उनकी समृद्धि के बिना विकास की कल्पना अधूरी है। उनके वक्तव्य में राजनीतिक प्रतिबद्धता के साथ-साथ किसानों के प्रति जवाबदेही का भाव भी परिलक्षित हुआ।

इस आयोजन का सबसे भावनात्मक और महत्वपूर्ण क्षण वह रहा, जब मंच से क्षेत्र के 47 मेहनतकश किसानों को श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में ग्राम पंचायत सरपंच हेमसागर सिदार सहित कई ऐसे किसान शामिल रहे, जिन्होंने अपने परिश्रम से खेती को नई पहचान दी है। यह सम्मान केवल व्यक्तियों का नहीं, बल्कि उस श्रम और धैर्य का प्रतीक था, जो हर मौसम में खेतों में पसीना बहाता है।
कार्यक्रम का संचालन राम पटनायक ने सहज और प्रभावी ढंग से किया, जिससे पूरे आयोजन में एक संतुलित लय बनी रही। अंत में मंडल महामंत्री राजेश गुप्ता ने आभार व्यक्त करते हुए इस बात पर जोर दिया कि इस तरह के आयोजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि किसानों के साथ संवाद बनाए रखने का माध्यम हैं।

कुल मिलाकर, धौराभांठा का यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं, बल्कि किसानों के आत्मविश्वास को मजबूती देने और खेती को नए दृष्टिकोण से देखने की प्रेरणा देने वाला प्रयास साबित हुआ—जहां सम्मान के साथ-साथ समाधान की बात भी खुलकर सामने आई।
News associate Naresh (chhotu)
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