धरमजयगढ़ में चौहान समाज का ऐतिहासिक संगम, संगठन सशक्त—शिक्षा के लिए दो करोड़ की घोषणा ने रचा नया अध्याय

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। धरमजयगढ़ ब्लॉक के ग्राम बरबसपुर में चौहान समाज का ब्लॉक स्तरीय कार्यकारिणी गठन केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता, संगठनात्मक मजबूती और भावी दिशा का स्पष्ट संकेत बनकर उभरा। इस गरिमामय अवसर पर समाज के वरिष्ठजनों, पदाधिकारियों और सैकड़ों स्वजातीय बंधुओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।

कार्यक्रम की विशेष गरिमा उस समय और बढ़ गई जब समाज के पुरोधा, पूज्यनीय आदरणीय श्री महावीर गुरुजी की उपस्थिति से आयोजन को मार्गदर्शन और ऊर्जा मिली। साथ ही रायगढ़ जिला कार्यकारिणी के कार्यकारी अध्यक्ष सहित अनेक जिला पदाधिकारियों की मौजूदगी ने यह स्पष्ट कर दिया कि चौहान समाज अब संगठित रूप में एक नई दिशा की ओर अग्रसर है।

यह ऐतिहासिक कार्यक्रम समाज के दानवीर, कर्मयोगी श्री शंभुलाल चौहान जी के निवास पर सम्मानपूर्वक सम्पन्न हुआ। श्री शंभुलाल चौहान जी ने समाज के आर्थिक स्तंभ के रूप में आगे आकर जो घोषणा की, वह आने वाले वर्षों तक स्मरणीय रहेगी। उन्होंने समाज के उत्थान, विशेषकर शिक्षा के क्षेत्र में, दो करोड़ रुपये की ऐतिहासिक सहयोग राशि देने की घोषणा कर यह सिद्ध कर दिया कि सशक्त समाज की नींव शिक्षा और संसाधनों से ही रखी जा सकती है। इसके साथ ही प्रत्येक अठगांवा क्षेत्र के लिए भी आर्थिक सहयोग का आश्वासन देकर उन्होंने समाज के सर्वांगीण विकास की प्रतिबद्धता दोहराई।

जिला कार्यकारिणी ने इस घोषणा को कागजों तक सीमित न रखते हुए, शीघ्र ही ठोस कार्ययोजना बनाकर इसे धरातल पर उतारने का संकल्प लिया है। यह निर्णय समाज में विश्वास और पारदर्शिता को और मजबूत करता है।

उल्लेखनीय है कि पूरे कार्यक्रम का आर्थिक भार स्वयं श्री शंभुलाल चौहान जी द्वारा वहन किया गया, जिससे यह स्पष्ट संदेश गया कि वे केवल दानदाता नहीं, बल्कि समाज के विकास पथ के मील का पत्थर हैं।

कार्यक्रम सादगी, अनुशासन और गरिमा के वातावरण में सम्पन्न हुआ। इसे सफल बनाने में धरमजयगढ़ ब्लॉक के आदरणीय श्री राजश्री गुरुजी, श्री रमन चंदन जी, श्री मंजीत जी, श्री नैहर जी सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वजातीय बंधुओं का अमूल्य योगदान रहा। इन्हीं अथक प्रयासों का परिणाम है कि कापू क्षेत्र और धरमजयगढ़-छाल क्षेत्र आज एकजुट होकर समाज की मजबूती का उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं।

कुल मिलाकर, बरबसपुर का यह आयोजन चौहान समाज के इतिहास में एक निर्णायक मोड़ के रूप में दर्ज होगा—जहां संगठन, समर्पण और सामाजिक उत्तरदायित्व एक साथ दिखाई दिए।