12 राज्यों में दर्ज FIR, मां के निधन के बाद सरेंडर… अमित बघेल की गिरफ्तारी से रायपुर में हंगामा, थाने के बाहर समर्थकों का बवाल

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम
लगातार दो महीने तक फरारी काटने के बाद छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रदेश अध्यक्ष अमित बघेल ने आज रायपुर के देवेंद्र नगर थाने में आत्मसमर्पण कर दिया। सरेंडर के साथ ही पुलिस और समर्थकों के बीच तीखी झड़पें हुईं, जिसके चलते थाने और आसपास के इलाके में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती करनी पड़ी। पुलिस इस पूरे घटनाक्रम को “हाई-रिस्क ऑपरेशन” मानकर निगरानी कर रही है।
फरारी, दबाव और मातृ-वियोग—इन सबके बीच सरेंडर
बीते शुक्रवार को अमित बघेल की मां का निधन हुआ था। परिवार की संवेदनशील परिस्थितियों को देखते हुए बघेल ने सरेंडर का निर्णय लिया। उनके समर्थक बड़ी संख्या में थाने पहुंच गए, जिस कारण क्षेत्र में तनाव के हालात बन गए।
बघेल की मां का शव अंतिम संस्कार के लिए उनके पैतृक गांव पथरी ले जाया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, सरेंडर के बाद बघेल अस्थायी जमानत के लिए अदालत में आवेदन कर सकते हैं और मातृ-वियोग को मानवीय आधार पर प्रमुख तर्क के रूप में पेश कर सकते हैं।
12 राज्यों में केस, 26 दिनों से लगातार लोकेशन बदल रहे थे
अमित बघेल पर सिर्फ छत्तीसगढ़ में ही नहीं, बल्कि देश के 12 राज्यों में आपत्तिजनक बयानों और अन्य मामलों को लेकर FIR दर्ज हैं। इसमें—
रायपुर
दुर्ग
सरगुजा
धमतरी
रायगढ़
जगदलपुर
मध्यप्रदेश : इंदौर, ग्वालियर
उत्तर प्रदेश : प्रयागराज
महाराष्ट्र
नोएडा
जैसे प्रमुख शहर शामिल हैं।
पिछले 26 दिनों से वे लगातार अपनी लोकेशन बदल रहे थे, जिससे पुलिस को उन्हें पकड़ने में कठिनाई आ रही थी।
सुप्रीम कोर्ट की सख्त फटकार के बाद बढ़ी कानूनी मुश्किलें
बघेल का सरेंडर ऐसे समय हुआ है जब कुछ ही दिन पहले सुप्रीम कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया था। अदालत ने बेहद कड़े शब्दों में कहा था—
“अपनी जुबान पर लगाम रखें… आपको किसी तरह की राहत नहीं मिलेगी, कानून अपना रास्ता खुद बनाएगा।”
यह भी साफ किया गया कि बघेल को 12 राज्यों में दर्ज हर FIR की प्रक्रिया का सामना करना होगा, और कोर्ट न FIR क्लबिंग पर विचार करेगा, न कोई विशेष राहत देगा।
24 नवंबर को हुई सुनवाई में अदालत ने तंज कसते हुए कहा था—
“पुलिस आपको अलग-अलग राज्यों में ले जाएगी, पूरे देश की सैर का मज़ा लीजिए।”
इन्हीं टिप्पणियों के बाद बघेल पर कानूनी दबाव लगातार बढ़ता गया।
थाने के बाहर समर्थकों की भीड़, पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर
अमित बघेल के समर्थकों की भीड़ अचानक थाने पहुंच गई। कुछ स्थानों पर नोकझोंक और धक्का-मुक्की की स्थिति बनी।
एहतियात के तौर पर पुलिस ने शहर के कई प्रमुख इलाकों में अतिरिक्त जवान तैनात कर दिए हैं। कोर्ट परिसर के बाहर भी सुरक्षा बढ़ाई गई है।