साँझ की रफ्तार ने ली एक और जान, रायगढ़–घरघोड़ा मार्ग फिर बना मौत का गलियारा

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ (छत्तीसगढ़)।
रायगढ़–घरघोड़ा मुख्य मार्ग पर बुधवार की शाम एक बार फिर इंसानी लापरवाही और बेकाबू रफ्तार ने खून लिख दिया। ग्राम लाखा के समीप तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आए एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि युवक का सिर पूरी तरह कुचल गया और घटनास्थल पर ही उसकी सांसें थम गईं।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार शाम ढलते ही इस मार्ग पर ट्रक और ट्रेलरों की आवाजाही अचानक बढ़ जाती है। ओवरलोड, तेज रफ्तार और समय पर नियंत्रण न होने के कारण यह सड़क लंबे समय से हादसों के लिए कुख्यात हो चुकी है। आज शाम भी कुछ ऐसा ही हुआ—तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार को टक्कर मारी और चालक ट्रक समेत मौके से फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। युवक की पहचान और परिजनों को सूचना देने की प्रक्रिया जारी है। आसपास मौजूद ग्रामीणों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश देखा गया। लोगों का कहना है कि आए दिन हो रहे हादसों के बावजूद न तो ट्रकों की रफ्तार पर लगाम लग रही है, न ही सख्त निगरानी की व्यवस्था हो पा रही है।

स्थानीय लोगों का यह भी कहना है कि शाम होते ही यह मार्ग भारी वाहनों की दौड़ का मैदान बन जाता है। नतीजा यह कि दोपहिया वाहन चालकों और राहगीरों की जान हर रोज जोखिम में रहती है। कई बार प्रशासन को चेताया गया, लेकिन ठोस कार्रवाई के अभाव में हालात जस के तस बने हुए हैं।
यह हादसा केवल एक युवक की मौत नहीं, बल्कि व्यवस्था पर एक और गंभीर सवाल है। कब तक रायगढ़–घरघोड़ा मार्ग यूँ ही अपनों को निगलता रहेगा? कब रफ्तार पर लगाम और जिम्मेदारी तय होगी—यह सवाल आज फिर एक लहूलुहान सड़क ने खड़ा कर दिया है।