तमनार पुलिस का सघन अभियान—24 स्थायी वारंटी दबोचे गए, वर्षों से फरार चेहरों पर लगा विराम

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
कानून की कसावट और पुलिसिंग की साख तब परखी जाती है, जब वर्षों से फरार लोग भी सलाखों के पीछे पहुँचें। थाना तमनार पुलिस ने ठीक यही कर दिखाया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं उपमहानिरीक्षक के स्पष्ट निर्देशों के बाद चलाए गए विशेष अभियान में तमनार पुलिस ने 24 स्थायी वारंटियों को तामील कर माननीय न्यायालय में पेश कर दिया—एक ऐसी कार्रवाई, जिसने क्षेत्र में कानून के प्रति भरोसा और सख्ती दोनों को मजबूती दी है।
इस अभियान की कमान टीआई कमला पुसाम सिंह के हाथों में थी। योजनाबद्ध ढंग से गठित टीमों ने सीमापार तक दबिश दी। उड़ीसा राज्य से दो वारंटियों की गिरफ्तारी कर यह संदेश साफ कर दिया गया कि फरारी अब ढाल नहीं बनेगी। थाना क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों में भी निरंतर दबिश देकर लंबे समय से लापता चल रहे वारंटियों की पहचान कर उन्हें पकड़ा गया।

गिरफ्तार किए गए वारंटियों में साधुराम पिता जगन्नाथ राठिया, निवासी टांगर घाट, का नाम भी शामिल है—घटना के समय उम्र 28 वर्ष, वर्तमान में 52 वर्ष—जिस पर वर्षों पुराना स्थायी वारंट लंबित था। पुलिस ने वारंट तामील कर उसे न्यायालय में प्रस्तुत किया। इसके अलावा, जिले के अन्य स्थानों पर गठित टीमों ने भी समानांतर कार्रवाई करते हुए वारंटियों को पकड़कर कोर्ट के समक्ष पेश किया।

अभियान के दौरान दो वारंटियों के मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त कर विधिसम्मत कार्यवाही की गई, जबकि एक स्थायी वारंटी को जेल में तामील कर जेल अधीक्षक के माध्यम से न्यायालयी प्रक्रिया पूरी की गई। एक महिला वारंटी सहित कुल 24 स्थायी वारंटियों को तामील कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से सभी को माननीय न्यायालय द्वारा जेल भेजा गया।

यह महज़ गिरफ्तारी का आंकड़ा नहीं, बल्कि बेहतर योजना, सतत फॉलो-अप और नेतृत्व की स्पष्टता का नतीजा है। टीआई कमला पुसाम सिंह के नेतृत्व में तमनार पुलिस की यह कार्रवाई बताती है कि जब फील्ड में नेतृत्व सक्रिय हो, तो कानून की पहुंच दूर-दराज़ तक सुनिश्चित होती है। परिणामस्वरूप, पुलिस के प्रति जनता का विश्वास और मजबूत हुआ है—और यही किसी भी पुलिसिंग की सबसे बड़ी उपलब्धि मानी जाती है।
News associate Mr. Shyam renshi gupta