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तमनार नगर पंचायत को मिली नई पहचान: जेपीएल शामिल होने से बढ़ेगा राजस्व, विकास की राह बनेगी तेज

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़/तमनार। लंबे समय से लंबित मांग आखिरकार पूरी हो गई। तमनार को नगर पंचायत का दर्जा मिलते ही क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खुल गए हैं। राज्य शासन द्वारा दूसरी बार अधिसूचना प्रकाशित करने के बाद अब तमनार का नगरीय निकाय के रूप में गठन लगभग सुनिश्चित माना जा रहा है।

तमनार को नगर पंचायत बनाए जाने का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि जिंदल पावर लिमिटेड (JPL) का पूरा औद्योगिक दायरा नगरीय सीमा में आ जाएगा, जिससे राजस्व में करोड़ों रुपए की वार्षिक वृद्धि होने का अनुमान है। जिस प्रकार रायगढ़ नगर निगम को JSPL से राजस्व मिलता है, उसी तर्ज पर अब तमनार को भी नियमित और सुदृढ़ आय प्राप्त होगी।




औद्योगीकीकरण ने बदली तमनार की तस्वीर

पिछले एक दशक में तमनार की जनसंख्या और डेमोग्राफी दोनों में बड़ा बदलाव आया है। 2011 की जनगणना में जहां तमनार और बासनपाली की संयुक्त आबादी लगभग 6,800 थी, वहीं वर्तमान में यह आंकड़ा 10 हजार के पार पहुंच चुका है।

उद्योगों, विशेषकर JPL के संचालन के कारण बाहरी राज्यों से आए मजदूरों और कर्मचारियों की संख्या बढ़ी है। इससे तमनार की संरचना पूरी तरह बदल चुकी है, लेकिन नगर पंचायत न बनने से अब तक कई आवश्यक सुविधाएं पिछड़ती रही हैं।




14 साल पुरानी योजना फिर हुई जीवित

तमनार को विशेष क्षेत्र घोषित करने की योजना वर्ष 2011 में बनी थी। उसी वर्ष 8 सितंबर को राजपत्र में अधिसूचना जारी कर आसपास के 164 गांवों को विशेष क्षेत्र में शामिल किया गया था। उद्देश्य था तेज विकास, लेकिन योजना बीच में ही ठंडे बस्ते में चली गई।

इसके बाद 4 अक्टूबर 2023 को नगर पालिका अधिनियम 1961 के तहत पहली अधिसूचना प्रकाशित हुई। अब 12 नवंबर 2025 को दूसरी अधिसूचना जारी कर तमनार और बासनपाली की सीमाओं को नगर पंचायत क्षेत्र माना गया है।




तमनार—राजस्व का सबसे बड़ा स्त्रोत, फिर भी विकास में पिछड़ा

तमनार तहसील से

सबसे अधिक खनिज राजस्व,

सबसे अधिक डीएमएफ योगदान,

सबसे अधिक CSR फंड,


जिले को प्राप्त होता है। इसके बावजूद तमनार वर्षों तक नगरीय निकाय बनने से वंचित रहा। सड़क, स्वास्थ्य, पेयजल, सीवरेज और ट्रैफिक व्यवस्था जैसे कई बुनियादी मुद्दे अनसुलझे रहे।

नगर पंचायत बनने के बाद अब प्रशासनिक ढांचे में मजबूती आएगी और स्थानीय लोगों को सीधे नगरीय सुविधाएं, योजनाएं और फंड मिल सकेंगे।




क्या बदल जाएगा तमनार में?

✔ जेपीएल से मिलने वाला राजस्व सीधे नगर पंचायत को जाएगा
✔ सफाई, जल आपूर्ति, सड़क निर्माण जैसे कामों में गति आएगी
✔ नगरीय निकाय होने से योजनाओं के लिए अतिरिक्त सरकारी फंड उपलब्ध होंगे
✔ औद्योगिक क्षेत्र और आवासीय बस्तियों के बीच संतुलित विकास की दिशा बनेगी





अब तमनार सिर्फ औद्योगिक पहचान तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि एक संगठित और आधुनिक नगरीय क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और नागरिकों में उम्मीद बढ़ी है कि नगर पंचायत बनने के बाद यहां का विकास ठोस रूप लेगा और तमनार की उपेक्षित समस्याओं का समाधान तेज गति से होगा।

तमनार का नगर पंचायत बनना केवल प्रशासनिक बदलाव नहीं, बल्कि एक बड़े भू-भाग के भविष्य को नई दिशा देने वाला ऐतिहासिक कदम साबित होगा।

Amar Chouhan

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