ठंड में भी सुलगता तमनार, गरम होता पूंजीपथरा—जहाँ कानून सख्त, वहाँ जुआ बेखौफ

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
एक तरफ कड़ाके की ठंड है, दूसरी तरफ तमनार के हालात ऐसे हैं मानो जमीन के नीचे आग धधक रही हो। पुलिस और ग्रामीणों के बीच बना तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा, और हालात किसी भी वक्त और बिगड़ सकते हैं। कानून-व्यवस्था को लेकर यहां सख्ती, निगरानी और बेचैनी का माहौल है। लेकिन इसी जिले के पूंजीपथरा क्षेत्र में तस्वीर बिल्कुल उलट नजर आती है—जहाँ ठंड को मात देती एक अलग ही “गर्मजोशी” खुलेआम फल-फूल रही है।
सूत्रों के मुताबिक पूंजीपथरा के बिलासखार बाजार के पीछे लगने वाले खुडखुड़िया मेले में जुए की बिसात बेधड़क बिछाई गई है। जुआ खेलने के शौकीनों में इसे लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है। कहा जा रहा है कि दूर-दूर से लोग मोटी रकम के साथ पहुंच रहे हैं और कथित तौर पर “भयमुक्त माहौल” में खुडखुड़िया जुए का आनंद ले रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि जहां तमनार में कानून का शिकंजा कसता दिखाई दे रहा है, वहीं पूंजीपथरा क्षेत्र में यह अवैध गतिविधि प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर रही है। स्थानीय लोगों का दावा है कि सूचना दिए जाने के बावजूद पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। ऐसे में सवाल उठना लाज़िमी है कि आखिर ठंड के इस मौसम में कानून की गर्मी खुडखुड़िया खिलाने वालों तक क्यों नहीं पहुंच पा रही।

ग्रामीणों की मानें तो इस जुए के कथित आयोजकों के तौर पर पिंटू और गोपी नामक व्यक्तियों के नाम सामने आ रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन क्षेत्र में चर्चा आम है कि कथित संरक्षण के चलते खिलाने और खेलने वालों के हौसले बुलंद हैं।
अब सवाल यह है कि पुलिस-प्रशासन इस खुलेआम चल रहे जुए पर कोई ठोस कार्रवाई करेगा या फिर यह खुडखुड़िया मेला अगले आयोजनों के लिए और व्यापक रूप लेने की तैयारी में है। तमनार की सख्ती और पूंजीपथरा की बेफिक्री—इन दोनों तस्वीरों के बीच कानून की निष्पक्षता और प्राथमिकताओं पर बहस तेज होती जा रही है।
समाचार सहयोगी प्रेम अग्रवाल