जंगली सूअरों के लिए लगाया बिजली का जाल, कृषि अधिकारी की करंट से मौत; दो गिरफ्तार

फ्रीलांस एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़ (लैलूंगा), 14 नवंबर। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के लैलूंगा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना ने ग्रामीण इलाके को हिला कर रख दिया है। जंगली सूअरों को फंसाने के लिए खेतों में बिजली का करंट प्रवाहित करने की अवैध प्रथा ने एक सरकारी अधिकारी की जान ले ली। मृतक की पहचान लाल कुमार साहू (उम्र लगभग 45 वर्ष), पिता त्रिलोचन साहू, निवासी भेलवाटोली गांव के रूप में हुई है। वे लैलूंगा क्षेत्र के गुडूबाहल बहमा में ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के पद पर तैनात थे और किसानों की समस्याओं का समाधान करने में सक्रिय भूमिका निभाते थे।
घटना की विस्तृत जानकारी के अनुसार, भेलवाटोली गांव के निकटवर्ती खेतों में अज्ञात व्यक्तियों द्वारा जंगली सूअरों को भगाने या फंसाने के उद्देश्य से तारों में उच्च वोल्टेज की बिजली प्रवाहित की गई थी। यह अवैध और खतरनाक तरीका ग्रामीण क्षेत्रों में फसलों की रक्षा के लिए अपनाया जाता रहा है, लेकिन इससे मानवीय जीवन पर मंडराते खतरे को अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है। लाल कुमार साहू उस दिन अपने दैनिक कार्यों के तहत खेत का दौरा कर रहे थे, जब अचानक वे इसी करंट लगे तार की चपेट में आ गए। मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना दोपहर के समय हुई और शव की स्थिति से स्पष्ट था कि करंट का झटका बेहद शक्तिशाली था, जिससे शरीर पर गंभीर जलन के निशान मिले।
सूचना मिलते ही लैलूंगा थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा किया, मर्ग कायम कर लिया और मामले को गंभीरता से लेते हुए अपराध पंजीबद्ध किया। प्रारंभिक जांच में यह पता चला कि तारों में बिजली प्रवाहित करने का काम स्थानीय स्तर पर ही किया गया था। पुलिस की त्वरित कार्रवाई का नतीजा यह रहा कि दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जोसेफ मिंज (उम्र 40 वर्ष), पिता सहदेव मिंज, निवासी खम्हार और सोनू एक्का (उम्र 26 वर्ष), पिता स्वर्गीय रामधन एक्का, निवासी खम्हार के रूप में हुई है।
पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने अपना गुनाह कबूल कर लिया। उन्होंने स्वीकार किया कि जंगली सूअरों से फसलों को बचाने के लिए उन्होंने खेतों में तार बिछाकर बिजली का करंट छोड़ा था। पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह प्रथा क्षेत्र में आम है, लेकिन इससे पहले कभी इतनी बड़ी अनहोनी नहीं हुई थी। दोनों को भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और यदि कोई अन्य व्यक्ति इसमें संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह घटना न केवल एक परिवार की ट्रेजडी है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में अवैध बिजली जाल की बढ़ती समस्या पर गंभीर सवाल खड़े करती है। विशेषज्ञों का मानना है कि जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा के लिए वैकल्पिक उपाय जैसे बाड़बंदी या जैविक तरीके अपनाने चाहिए, ताकि ऐसी दुर्घटनाएं रोकी जा सकें। मृतक लाल कुमार साहू के परिजनों में शोक की लहर है और गांववासी मांग कर रहे हैं कि सरकार इस तरह की प्रथाओं पर सख्ती से रोक लगाए। पुलिस अब तक की जांच में संतुष्ट है, लेकिन आगे की कार्यवाही से और खुलासे होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
समाचार सहयोगी रोशन लाल यादव की रिपोर्ट