गेजामुड़ा अपडेट: तनाव बरकरार, हिरासत में लिए ग्रामीणों की रिहाई पर सस्पेंस, प्रशासन सख्त – आंदोलन और तेज होने के संकेत

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़/गेजामुड़ा, 23 मार्च 2026।
गेजामुड़ा में अडानी की रेल लाइन परियोजना को लेकर शुरू हुआ विवाद अब और ज्यादा संवेदनशील मोड़ पर पहुंच गया है। सोमवार सुबह तक गांव में हालात पूरी तरह नियंत्रण में तो हैं, लेकिन तनाव कम होने के बजाय और गहरा गया है। भारी पुलिस बल अब भी गांव और आसपास के इलाकों में तैनात है, जबकि कंपनी की मशीनें सुरक्षा घेरे में काम जारी रखे हुए हैं।
हिरासत में लिए ग्रामीणों पर सस्पेंस
रविवार को हिरासत में लिए गए दर्जनभर से अधिक ग्रामीणों की रिहाई को लेकर अब तक कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
सूत्रों के मुताबिक, कुछ लोगों को देर रात छोड़ दिया गया, लेकिन कई ग्रामीण अब भी पुलिस निगरानी में हैं। परिजनों का आरोप है कि उन्हें थाने में मिलने तक नहीं दिया जा रहा।
गांव में ‘छावनी जैसे हालात’ बरकरार
गेजामुड़ा और आसपास के गांवों में पुलिस का फ्लैग मार्च जारी
बाहरी लोगों की एंट्री पर निगरानी
हर प्रमुख रास्ते पर बैरिकेडिंग
कंपनी के काम की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त जवान तैनात
ग्रामीणों का कहना है कि “अपने ही गांव में हमें आने-जाने की आज़ादी नहीं है।”

मुआवजा विवाद और गहराया
50% बनाम 100% मुआवजे का विवाद अब सुलझने के बजाय और उलझ गया है।
प्रशासन और कंपनी अपने रुख पर कायम
ग्रामीण पूरी जमीन का उचित मुआवजा और लिखित गारंटी मांग रहे
“जमीन नहीं देंगे” का नारा अब खुला आंदोलन बनता जा रहा
ऋषि पटेल की रिहाई बना बड़ा मुद्दा
गिरफ्तार किसान ऋषि पटेल की रिहाई अब आंदोलन का केंद्र बन चुकी है।
ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि जब तक:
ऋषि पटेल को दोषमुक्त कर रिहा नहीं किया जाएगा
और मुआवजे पर ठोस निर्णय नहीं होगा
तब तक विरोध जारी रहेगा।

महिलाओं ने संभाला मोर्चा
सोमवार सुबह से गांव की महिलाएं फिर इकट्ठा होने लगी हैं।
कई जगह बैठकर शांतिपूर्ण विरोध
“जमीन हमारी, फैसला हमारा” जैसे नारे
प्रशासन की कार्रवाई से नाराजगी खुलकर सामने
आंदोलन और उग्र होने के संकेत
ग्रामीणों के तेवर देखते हुए आने वाले दिनों में:
बड़ा धरना या चक्का जाम
जिले स्तर पर प्रदर्शन
अन्य गांवों का समर्थन
जैसे हालात बन सकते हैं।
प्रशासन का रुख
प्रशासन का कहना है कि:
परियोजना “जनहित” में है
कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी
किसी भी तरह की बाधा पर सख्त कार्रवाई होगी
स्थिति अभी भी नाजुक
गेजामुड़ा में फिलहाल हालात नियंत्रण में जरूर हैं, लेकिन अंदर ही अंदर गुस्सा उबाल पर है।
एक तरफ प्रशासन और कंपनी अपनी ताकत दिखा रहे हैं, तो दूसरी तरफ ग्रामीण अपनी जमीन बचाने के लिए पीछे हटने को तैयार नहीं।