खेल से निखरता है आत्मविश्वास, आज की महिला खिलाड़ी कल समाज के लिए बनेंगी प्रेरणा-जनपद अध्यक्ष श्रीमती चौहान

Freelance editor Amardeep chauhan @http://amarkhabar.com Raigarh.
खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व की प्रयोगशाला होते हैं—इस सच्चाई को रायगढ़ स्टेडियम, बोईरदादर में आयोजित विकासखंड स्तरीय महिला खेलकूद प्रतियोगिता ने पूरी गरिमा के साथ साकार कर दिखाया। खेल एवं युवा कल्याण विभाग तथा जिला प्रशासन रायगढ़ के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न इस प्रतियोगिता में खेल भावना के साथ-साथ महिला सशक्तिकरण की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
प्रतियोगिता में 9 से 18 वर्ष तथा 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग की महिला खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भागीदारी की। सुबह से शाम तक स्टेडियम में ऊर्जा, अनुशासन और प्रतिस्पर्धात्मक जोश का वातावरण बना रहा। हर खेल में आत्मविश्वास से भरी महिला खिलाड़ियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और मंच मिले तो प्रतिभा स्वयं रास्ता बना लेती है।
कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनपद पंचायत रायगढ़ की अध्यक्ष श्रीमती सुजाता चौहान ने अपने संबोधन में कहा कि खेल बच्चों और युवाओं के सर्वांगीण विकास का सशक्त माध्यम हैं। खेलों से केवल शारीरिक क्षमता ही नहीं बढ़ती, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व और सकारात्मक सोच भी विकसित होती है। उन्होंने विश्वास जताया कि आज की महिला खिलाड़ी कल समाज के लिए प्रेरणास्रोत बनेंगी और नई पीढ़ी को आगे बढ़ने का हौसला देंगी।
विशिष्ट अतिथि नगर निगम रायगढ़ के सभापति श्री डिग्री लाल साहू ने कहा कि खेल मानसिक दृढ़ता और आत्मसंयम का भी निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने के लिए लगातार योजनाएं और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्र की प्रतिभाओं को समान अवसर मिल सके।
इस अवसर पर रोल बॉल संगठन रायगढ़ के अध्यक्ष श्री विनोद अग्रवाल ने खिलाड़ियों को लक्ष्य निर्धारण और नियमित अभ्यास के महत्व पर जोर दिया। बीडीसी श्री सुकलाल चौहान ने महिला खिलाड़ियों की बढ़ती सहभागिता की सराहना करते हुए खेलों को आत्मनिर्भरता और आत्मसम्मान से जोड़कर देखा। नोडल अधिकारी एवं सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रायगढ़ श्री डी.पी. पटेल ने भारतीय महिला खिलाड़ियों की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए छत्तीसगढ़ की महिला कबड्डी खिलाड़ी संजू देवी का उदाहरण प्रस्तुत किया, जिसने स्थानीय प्रतिभाओं को नई ऊर्जा दी।
बीईओ रायगढ़ श्री संजय पटेल ने अपने उद्बोधन में कहा कि शिक्षा और खेल एक-दूसरे के पूरक हैं। जब दोनों के बीच संतुलन स्थापित होता है, तभी बच्चों और युवाओं का सर्वांगीण विकास संभव हो पाता है।
प्रतियोगिता के दौरान एथलेटिक्स, कबड्डी, खो-खो, हॉकी, हैंडबॉल, वॉलीबॉल, फुटबॉल, बास्केटबॉल, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, कुश्ती और रस्साकशी जैसी अनेक खेल विधाओं में मुकाबले आयोजित किए गए। हर खेल में महिला खिलाड़ियों ने तकनीक, टीमवर्क और जुझारूपन का बेहतरीन प्रदर्शन किया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली खिलाड़ियों को मुख्य अतिथियों द्वारा मेडल प्रदान कर सम्मानित किया गया।
विकासखंड स्तरीय प्रतियोगिता की विजेता महिला खिलाड़ी आगामी जिला स्तरीय प्रतियोगिता में विकासखंड रायगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगी, जिससे क्षेत्र को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। कार्यक्रम में सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी रायगढ़ श्री अनिल साहू की उपस्थिति भी उल्लेखनीय रही। मंच संचालन शिक्षक (शारीरिक शिक्षा) श्री देवेंद्र मिश्रा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि अंत में विकासखंड क्रीड़ा प्रभारी श्री मोहम्मद आबिद साबरी ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, प्रशिक्षकों और खिलाड़ियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
रायगढ़ की इस खेल प्रतियोगिता ने यह साफ कर दिया कि जब महिला खिलाड़ियों को मंच, मार्गदर्शन और विश्वास मिलता है, तो खेल का मैदान केवल जीत-हार का स्थल नहीं रहता, बल्कि सामाजिक बदलाव की मजबूत नींव बन जाता है।