धान खरीदी में अव्यवस्था के खिलाफ किसान कांग्रेस मुखर, 10 सूत्री मांगों के साथ कलेक्टर से मिले किसान नेता

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
जिले में चल रही धान खरीदी व्यवस्था को लेकर किसानों की बढ़ती परेशानी अब सड़कों से निकलकर प्रशासन के दरवाजे तक पहुंच गई है। किसान कांग्रेस कमेटी जिला रायगढ़ के अध्यक्ष देवानंद पटेल के नेतृत्व में किसानों का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर से मिला और धान खरीदी केंद्रों में व्याप्त गंभीर अव्यवस्थाओं से उन्हें अवगत कराते हुए 10 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
किसान कांग्रेस ने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि डबल इंजन की सरकार बनने के बाद से ही किसानों की समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। जिले में संचालित 105 धान खरीदी केंद्रों में से अधिकांश केंद्रों और समितियों में एग्री स्टैक पंजीयन के दौरान तकनीकी खामियां सामने आ रही हैं। स्थिति यह है कि कई किसानों की गिरदावरी में धान की फसल दर्ज होने के बावजूद DCS पोर्टल में फसल नहीं दिख रही, जिसके कारण उनकी धान खरीदी रोकी जा रही है।
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि कई केंद्रों पर ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन टोकन कम काटे जा रहे हैं, जिससे किसानों को अनावश्यक इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं, कई जगहों पर किसानों से बोरा भराई का काम जबरन कराया जा रहा है, तो कहीं इसके नाम पर राशि भी वसूली जा रही है। समितियों द्वारा पर्याप्त संख्या में हमाल नहीं रखे जाने के कारण धान तौलाई, बोरा भराई और स्टेकिंग का कार्य प्रभावित हो रहा है, जिससे खरीदी केंद्रों पर फड़ जाम की स्थिति बन रही है।

किसानों ने यह भी गंभीर आरोप लगाया कि जिले के अधिकांश खरीदी केंद्रों में धान की बोरियों का वजन 40 किलो की जगह 41 किलो या 40 किलो 950 ग्राम तक लिया जा रहा है, जो सीधे तौर पर किसानों के हक के साथ अन्याय है। इसके साथ ही वन अधिकार पट्टाधारी किसानों का पंजीयन नहीं होने और उनके धान की खरीदी न किए जाने का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया।
किसान कांग्रेस ने मांग की कि अघोषित अनावरी रिपोर्ट के नाम पर धान खरीदी न रोकी जाए, और शासन द्वारा बोरा भराई, तौलाई एवं स्टेकिंग के लिए वहन की जा रही राशि की जानकारी हर खरीदी केंद्र में फ्लेक्स व सूचना बोर्ड के माध्यम से सार्वजनिक की जाए, ताकि मनमानी पर रोक लग सके।
इसके अलावा जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों से धान का उठाव एवं परिवहन प्रतिदिन सुनिश्चित करने की मांग भी की गई, ताकि फड़ जाम की समस्या खत्म हो और किसानों को राहत मिल सके।

कलेक्टर महोदय ने प्रतिनिधिमंडल की बातों को गंभीरता से सुनते हुए समस्याओं के शीघ्र निवारण का आश्वासन दिया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल में अनुसूचित कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष परदेसी चौहान, किसान कांग्रेस उपाध्यक्ष रोहित सिदार, किसान प्रवीण मिश्रा सहित किसान कांग्रेस के अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धान खरीदी के बीच उठे इन सवालों ने प्रशासन और शासन—दोनों के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। अब देखना यह होगा कि आश्वासन जमीन पर कितना उतरता है और किसानों को कब तक राहत मिलती है।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान