कुष्ठ के खिलाफ सामूहिक संकल्प, रायगढ़ में मितानिन प्रशिक्षकों ने समाज को जागरूक करने का उठाया बीड़ा

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
कुष्ठ निवारण पखवाड़ा के तहत रविवार, 8 फरवरी 2026 को मिनी स्टेडियम रायगढ़ में एक महत्वपूर्ण जन-जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले की समस्त तहसीलों से पहुँचीं मितानिन प्रशिक्षकों ने एकजुट होकर कुष्ठ उन्मूलन की शपथ ली और समाज में आज भी मौजूद कुष्ठ से जुड़ी भ्रांतियों व कुरीतियों को जड़ से समाप्त करने का संकल्प दोहराया।
कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने कहा कि कुष्ठ कोई अभिशाप नहीं बल्कि पूरी तरह से उपचार योग्य रोग है। सही समय पर पहचान और नियमित दवा से न केवल रोगी स्वस्थ हो सकता है, बल्कि समाज में उसका सम्मानजनक जीवन भी सुनिश्चित किया जा सकता है। इसके बावजूद जानकारी के अभाव में आज भी कई लोग कुष्ठ रोगियों से दूरी बनाते हैं, जो मानवता और सामाजिक समरसता के विपरीत है।

मितानिन प्रशिक्षकों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि वे ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की मजबूत कड़ी हैं। उनके माध्यम से ही घर-घर तक सही जानकारी पहुँचाई जा सकती है। इसलिए उनसे अपेक्षा की गई कि वे कुष्ठ के लक्षण, इलाज की उपलब्धता और इससे जुड़े मिथकों के बारे में अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार करें, ताकि कोई भी व्यक्ति डर या शर्म के कारण इलाज से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षकों ने सामूहिक रूप से शपथ लेते हुए यह भी संकल्प लिया कि वे कुष्ठ रोगियों के प्रति संवेदनशीलता और सहयोग की भावना को बढ़ावा देंगी तथा समाज में भेदभाव के खिलाफ आवाज़ उठाएँगी। पूरे आयोजन में अनुशासन, जागरूकता और सामाजिक उत्तरदायित्व की स्पष्ट झलक देखने को मिली।
स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि मितानिनों की सक्रिय भूमिका से कुष्ठ उन्मूलन के प्रयासों को नई गति मिलेगी और आने वाले समय में रायगढ़ जिला इस दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में उभरेगा।
News associate K chauhan