‘ऑपरेशन शंखनाद’ की गूंज: 18 गौवंश मुक्त, 7 तस्कर सलाखों के पीछे


Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
घरघोड़ा–लैलूंगा पुलिस की दोहरी कार्रवाई, दो पिकअप जब्त; एसएसपी शशि मोहन सिंह का स्पष्ट संदेश — “गौ तस्करी पर जीरो टॉलरेंस”
रायगढ़, 4 मार्च। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत रायगढ़ पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाइयों में बड़ी सफलता हासिल की है। थाना घरघोड़ा और लैलूंगा पुलिस ने संयुक्त रूप से 18 गौवंश को तस्करी से मुक्त कराते हुए 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दो पिकअप वाहन भी जब्त किए हैं, जिनका उपयोग अवैध परिवहन में किया जा रहा था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में चल रहे इस अभियान का उद्देश्य जिले में गौवंश संरक्षण और पशु क्रूरता पर प्रभावी अंकुश लगाना है। पुलिस का कहना है कि आगे भी यह कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
घरघोड़ा थाना की सटीक दबिश: रस्सियों से बंधे 10 बैल बरामद
2 मार्च को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम कुडूमकेला क्षेत्र में दो पिकअप वाहनों (CG-13-AK-5603 एवं CG-13-AQ-7900) के जरिए 10 गौवंश को बिना चारा-पानी, रस्सियों से कसकर बांधकर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की।
मौके से आत्माराम चौहान, शंभुसाय पैंकरा (जशपुर), संतोष कुमार राठिया, विजय कुमार मांझी और बुधराम राठिया (जिला रायगढ़) को हिरासत में लिया गया। उनके कब्जे से 10 नग बैल, 10 रस्सियां और परिवहन में प्रयुक्त दो महिन्द्रा पिकअप वाहन जब्त किए गए।
पशु चिकित्सक द्वारा परीक्षण के बाद मवेशियों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 75/2026 के तहत छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 एवं 11 के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

लैलूंगा पुलिस की चौकसी: उड़ीसा ले जाए जा रहे 8 गौवंश मुक्त
3 मार्च को होली ड्यूटी के दौरान पेट्रोलिंग कर रहे लैलूंगा थाना प्रभारी उपनिरीक्षक गिरधारी साव को सूचना मिली कि तोलमा-जरलापारा के कच्चे मार्ग से दो व्यक्ति 8 गौवंश को मारते-पीटते हुए उड़ीसा की ओर ले जा रहे हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए रास्ते में घेराबंदी की और दोनों आरोपियों— गोपी यादव (45 वर्ष) एवं सुकरू लकड़ा — को पकड़ लिया।
आरोपियों के कब्जे से लगभग 1 लाख 20 हजार रुपये मूल्य के 8 गौवंश बरामद किए गए। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ पशु परिरक्षण अधिनियम की धारा 4, 6, 10 तथा पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11 के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया।
“जीरो टॉलरेंस” की नीति पर सख्ती
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि रायगढ़ जिले में गौवंश तस्करी और पशु क्रूरता के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। अवैध परिवहन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाकर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जिले में हाल के दिनों में बढ़ी सतर्कता का ही परिणाम है कि पुलिस को यह सफलता मिली है। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत आगे भी निगरानी, पेट्रोलिंग और मुखबिर तंत्र को सक्रिय रखकर ऐसे मामलों पर प्रभावी नियंत्रण की रणनीति बनाई गई है।
रायगढ़ पुलिस की इस कार्रवाई को गौ संरक्षण की दिशा में एक ठोस कदम माना जा रहा है।