‘ऑपरेशन शंखनाद’ की गूंज: लैलूंगा में 16 गौवंश तस्करों के कब्जे से मुक्त, एक गिरफ्तार, दूसरा फरार

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 18 फरवरी। जिले में गौवंश तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत एक और अहम सफलता हाथ लगी है। Raigarh Police की लैलूंगा पुलिस ने घेराबंदी कर 16 गौवंश को तस्करों के कब्जे से मुक्त कराया है। मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है, जबकि उसका साथी फरार बताया जा रहा है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh के निर्देशन में जिलेभर में गौवंश संरक्षण को लेकर सख्त निगरानी रखी जा रही है। थाना प्रभारियों को मुखबिर तंत्र सक्रिय रखने और सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।
मुखबिर की सूचना और घेराबंदी
17 फरवरी की शाम लैलूंगा पुलिस को सूचना मिली कि आमापाली से झगरपुर मार्ग के रास्ते मवेशियों को ओडिशा के बूचड़खाने की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने ग्राम झगरपुर के पास मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की। मौके पर एक युवक मवेशियों को ले जाते हुए पकड़ा गया।
पूछताछ में युवक ने अपना नाम देवानंद यादव (32 वर्ष), निवासी ग्राम आमापाली, थाना लैलूंगा बताया। उसके कब्जे से 16 नग गौवंश बरामद किए गए। परिवहन संबंधी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाने पर सख्ती से पूछताछ की गई, जिसमें आरोपी ने स्वीकार किया कि वह रब्बुल (राहुल) खान नामक व्यक्ति के साथ मिलकर मवेशियों को ओडिशा ले जा रहा था।
गौवंश की देखभाल की व्यवस्था
बरामद गौवंश का पशु चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। इसके बाद उनके चारा-पानी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करते हुए उन्हें सलखिया गौशाला भेजा गया। पुलिस का कहना है कि पशुओं की हालत सामान्य है।
वैधानिक कार्रवाई
आरोपियों के विरुद्ध थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 52/2026 के तहत छत्तीसगढ़ पशु संरक्षण अधिनियम की धाराओं 4, 6, 10 और 11 के अंतर्गत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में प्रस्तुत कर रिमांड पर भेजा गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीम संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
सख्त संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने दो टूक कहा है, “जिले में एक भी गौवंश की तस्करी नहीं होने दी जाएगी। ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत मवेशी तस्करों पर कठोर कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी के मार्गदर्शन और एसडीओपी धरमजयगढ़ सिद्धांत तिवारी के पर्यवेक्षण में थाना प्रभारी लैलूंगा उपनिरीक्षक गिरधारी साहू, सहायक उपनिरीक्षक परमेश्वर गुप्ता व टीम ने यह कार्रवाई अंजाम दी।
अभियान का व्यापक असर
खनन और सीमावर्ती इलाकों के कारण रायगढ़ जिला तस्करी के रूट के रूप में चिन्हित रहा है। ऐसे में ‘ऑपरेशन शंखनाद’ को केवल एक कार्रवाई नहीं, बल्कि संगठित तस्करी नेटवर्क पर प्रहार के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस की सक्रियता से यह स्पष्ट संकेत गया है कि अवैध परिवहन और पशु क्रूरता के मामलों में अब किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती जाएगी।