अनुशासनहीनता पर हुई कार्रवाई: प्रधानपाठक गणेश राम चौहान निलंबित, छात्राओं से दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप

विद्यालय की मर्यादा भंग करने पर त्वरित कार्रवाई—प्रधानपाठक निलंबित
फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम पत्थलगांव। शिक्षा जगत को शर्मसार करने वाली घटना के बाद सरगुजा संभाग के संयुक्त संचालक ने सुरंगपानी के प्रधानपाठक गणेश राम चौहान को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर विद्यालय समय में शराब सेवन कर पहुंचने, छात्राओं से अशोभनीय बातचीत करने, तथा कर्मचारियों और विद्यार्थियों से गाली-गलौज करने जैसे गंभीर आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए हैं।
नियम 9(1)(ख) के तहत की गई त्वरित कार्रवाई
संयुक्त संचालक, सरगुजा संभाग अंबिकापुर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम 9(1)(ख) के प्रावधानों के अंतर्गत यह कार्रवाई की।
आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, फरसाबहार, जिला जशपुर निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता मिलता रहेगा।
छात्राओं के मानसिक उत्पीड़न के आरोप गंभीर
शिक्षा अधिकारी, जशपुर द्वारा भेजे गए प्रतिवेदन में स्पष्ट किया गया है कि प्रधानपाठक गणेश राम चौहान की हरकतों से विद्यालय का शिक्षकीय वातावरण प्रभावित हुआ है।
प्रतिवेदन में निम्न बातें उजागर होती हैं—
शराब सेवन कर विद्यालय में उपस्थित होना
छात्राओं से अश्लील एवं मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाले व्यवहार
विद्यार्थियों और कर्मचारियों से अभद्र भाषा का प्रयोग
विद्यालय की मर्यादा और शासकीय सेवक की गरिमा को ठेस पहुँचाना
इन आरोपों को प्रथम दृष्टया सही पाते हुए विभाग ने तत्काल निर्णय लिया।
आचरण नियमों का स्पष्ट उल्लंघन
अधिकारियों के मुताबिक चौहान का कृत्य छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3, 23(ख) एवं 23(ग) का स्पष्ट उल्लंघन है। इन नियमों में सरकारी सेवकों को अनुशासन, गरिमा और नैतिक आचरण बनाए रखने की स्पष्ट अपेक्षा की गई है।
शिक्षा विभाग की कड़ी प्रतिक्रिया
शिक्षा विभाग ने चेताया है कि विद्यालयों में अनुशासन भंग करने या छात्र-छात्राओं पर अनावश्यक दबाव व दुर्व्यवहार करने वाले किसी भी अधिकारी-कर्मचारी पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
समाचार सहयोगी गोविंदा चौहान