उड़ीसा–छत्तीसगढ़ सीमा पर 20वां विश्व शांति ब्रह्म यज्ञ, हमीरपुर से निकली कलश यात्रा

फ्री लांसर एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम हमीरपुर (ओड़िसा बॉर्डर)। उड़ीसा के चालीसगांव एवं छत्तीसगढ़ के लगभग 40 गांवों की सहभागिता से आयोजित होने वाला 20वां विश्व शांति ब्रह्म यज्ञ इस वर्ष पूर्ण भक्तिमय, सादगीपूर्ण एवं सुचिता के वातावरण में संपन्न हो रहा है। यज्ञ की परंपरा के अनुसार हर वर्ष भिन्न–भिन्न स्थानों से कलश यात्रा निकाली जाती है, और इस वर्ष की कलश यात्रा हमीरपुर सीमा से प्रारंभ हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।
यज्ञ का शुभारंभ ब्रह्मावधूत पूज्यपाद बाबा वीरेंद्र कुमार एवं तुलाराम बाबा के पावन आगमन के साथ हुआ। उनके सान्निध्य में जल यात्रा, अखंड ब्रह्म धूनी की स्थापना एवं दीप प्रज्वलन किया गया। पूरे क्षेत्र में भक्तिभाव और आध्यात्मिक ऊर्जा का विशेष वातावरण देखने को मिला।

विशेष बात यह है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी उड़ीसा टपरिया सीमा एवं छत्तीसगढ़ हमीरपुर सीमा—दोनों ओर एक साथ परंपरा का निर्वहन किया जा रहा है। एक ओर अखंड हवन (ब्रह्म धूनी) की स्थापना है, तो दूसरी ओर अखंड दीप प्रज्वलित रहकर विश्व शांति का संदेश दे रहा है।
यज्ञ के मध्य दिवस में महिमा बाल्य लीला का आयोजन किया गया है। इसी क्रम में नन्हे–नन्हे बालक–बालिकाओं के लिए बाल भोग का आयोजन रखा गया है, जिसके पश्चात विभिन्न साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी संपन्न होंगे।

इस वर्ष की एक विशेष उपलब्धि के रूप में नवागंतुक बालक–बालिकाओं के लिए विद्यारंभ संस्कार एवं बाबा महोदय के द्वारा लेखनी प्रदान का आयोजन किया जा रहा है। यह पावन संस्कार 12 जनवरी, सोमवार को ब्रह्मावधूत पूज्यपाद बाबा वीरेंद्र कुमार के निज कर, कमलों से संपन्न होगा।
हमीरपुर ओड़िसा बॉर्डर पर चल रहा यह 20वां विश्व शांति ब्रह्म यज्ञ न केवल आध्यात्मिक चेतना का केंद्र बना हुआ है, बल्कि उड़ीसा–छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक एकता और विश्व शांति के संकल्प को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रहा है।
समाचार सहयोगी नरेश राठिया